كتاب · प्रेमचंद की सर्वश्रेष्ठ कहानियाँ
صفحة 17 من 251
المؤلف: प्रेमचंद
الوقت0:00
السرعة (WPM)0.0
الدقة100.0%
اضغط ابدأ واكتب السطور بدقة. · مفتاح الرجوع معطل — استمر حتى بعد الخطأ.
इतनी मिठाइयाँ लीं, मुझे किसी ने एक भी न दी। उस पर कहते हैं, मेरे
साथ खेलो। मेरा यह काम करो। अब अगर किसी ने कोई काम करने को कहा, तो
पूछूँगा। खायँ मिठाइयाँ, आप मुँह सड़ेगा, फोड़े-फुन्सियाँ निकलेंगी,
आप ही जबान चटोरी हो जायगी। तब घर से पैसे चुरायेंगे और मार
खायेंगे। किताब में झूठी बातें थोड़े ही लिखी हैं। मेरी जबान क्यो
खराब होगी? अम्मा चिमटा देखते ही दौड़कर मेरे हाथ से ले लेंगी और
कहेंगी-मेरा बच्चा अम्माँ के लिए चिमटा लाया है! हजारों दुआएँ
देंगी। फिर पड़ोस की औरतों को दिखायेंगी। सारे गाँव में चरचा होने
लगेगी, हामिद चिमटा लाया है। कितना अच्छा लड़का है। इन लोगों के
खिलौने पर कौन इन्हें दुआएँ देगा? बड़ों की दुआएँ सीधे अल्लाह के
दरबार में पहुँचती हैं, और तुरन्त सुनी जाती हैं। मेरे पास पैसे
नहीं हैं। तभी तो मोहसिन और महमूद यों मिज़ाज दिखाते हैं। मैं भी
इनसे मिजाज दिखाऊँगा। खेलें खिलौने और खायें मिठाइयाँ। मैं नहीं
खेलता खिलौने, किसी का मिज़ाज क्यों सहूँ? मै गरीब सही, किसी से कुछ
माँगने तो नहीं जाता? आखिर अब्बाजान कभी-न-कभी आयेंगे। अम्माँ भी
आयेंगी। फिर इन लोगों से पूछेगा, कितने खिलौने लोगे?
اضغط ابدأ واكتب السطور بدقة.
لم يبدأ