Buch · प्रेमचंद की सर्वश्रेष्ठ कहानियाँ
Seite 111 von 251
Autor: प्रेमचंद
Zeit0:00
Tempo (WPM)0.0
Genauigkeit100.0%
Start drücken und den Text exakt schreiben. · Rucktaste deaktiviert — auch bei Fehlern weitertippen.
तुम अपने दिल में समझते होगे, मैं भाई साहब से महज एक दरजा नीचे
हूँ, और अब उन्हें मुझको कुछ कहने का हक नहीं है। लेकिन यह तुम्हारी
गलती है। मैं तुमसे पाँच साल बड़ा हूँ और चाहे आज तुम मेरी ही जमाअत
में जाओ-और परीक्षकों का यही हाल है, तो निस्सन्देह अगले साल तुम
मेरे समकक्ष हो जाओगे, और शायद एक साल बाद मुझसे आगे भी निकल
जाओ-लेकिन मुझमें और तुममें जो पाँच साल का अन्तर है, उसे तुम क्या,
खुदा भी नहीं मिटा सकता। मैं तुमसे पाँच साल बड़ा हूँ और हमेशा
रहूँगा। मुझे दुनिया का और जिन्दगी का जो तजरबा है, तुम उसकी बराबरी
नहीं कर सकते, चाहे तुम एम० ए० और डी० लिट्, और डी० फिल ही क्यों न
हो जायो। समझ किताबें पढ़ने से नहीं आती, दुनिया देखने से आती है।
हमारी अम्माँ ने कोई दरजा नहीं पास किया, और दादा भी शायद
पाँचवीं-छठी जमाअत के आगे नहीं गये; लेकिन हम दोनों चाहे सारी
दुनिया की विद्या पढ़ लें, अम्माँ और दादा को हमें समझाने और
सुधारने का अधिकार हमेशा रहेगा। केवल इसलिए नहीं कि वे हमारे
जन्मदाता है। बल्कि इसलिए कि उन्हें दुनिया का हमसे ज्यादा तजरबा है
और रहेगा। अमेरिका में किस तरह की राजव्यवस्था है, और आठवें हेनरी
ने कितने ब्याह किये और आकाश में कितने नक्षत्र हैं, यह बातें चाहें
उन्हें न मालूम हों; लेकिन हजारों ऐसी बातें हैं, जिनका ज्ञान
उन्हें हमसे और तुमसे ज्यादा हैं। दैव न करे, आज मै बीमार हो जाऊँ,
तो तुम्हारे हाथ-पाँव फूल जायँगे। दादा को तार देने के सिवा तुम्हें
और कुछ न सूझेगा; लेकिन तुम्हारी जगह दादा हों, तो किसी को तार न
दें, न घबरायें, न बदहवास हो। पहले खुद मरज पहचानकर इलाज करेंगे,
उसमें सफल न हुए, तो किसी डाक्टर को बुलायेंगे। बीमारी तो खैर बड़ी
चीज है। हम-तुम तो इतना भी नहीं जानते कि महीने भर का खर्च महीना-भर
कैसे चले। जो कुछ दादा भेजते हैं, उसे हम बीस-बाईस तक खर्च कर डालते
हैं, और फिर पैसे-पैसे को मुहताज हो जाते हैं। नाश्ता बन्द हो जाता
है, धोबी और नाई से मुँह चुराने लगते हैं, लेकिन जितना आज हम और तुम
खर्च कर रहे हैं, उससे आधे में दादा ने अपनी उम्र का बड़ा भाग इज्जत
और नेकनामी के साथ निभाया है और एक कुटुम्ब का पालन किया है, जिसमें
सब मिलाकर भी आदमी थे। अपने हेडमास्टर साहब ही को देखो। एम.ए.
Start drücken und den Text exakt schreiben.
Nicht gestartet