Sprachen

Tastatur

Seite 29 von 251

Autor: प्रेमचंद

Zeit0:00
Tempo (WPM)0.0
Genauigkeit100.0%

Start drücken und den Text exakt schreiben. · Rucktaste deaktiviert — auch bei Fehlern weitertippen.

मैकू-हँसा इस बात पर जो तुमने कही कि कोई बड़ा आदमी जुलूस में नहीं
है। बड़े आदमी क्यों जुलूस में आने लगे, उन्हें इस राज में कौन आराम
नहीं हैं? बँगलों और महलों में रहते हैं, मोटरों पर घूमते हैं,
साहबों के साथ दावतें खाते हैं, कौन तकलीफ है? मर तो हम लोग रहे हैं
जिन्हें रोटियों का ठिकाना नहीं। इस बखत कोई टेनिस खेलता होगा, कोई
चाय पीता होगा, कोई ग्रामोफोन लिये गाना सुनता होगा,, कोई पारिक की
सैर करता होगा, यहाँ आयें पुलिस के कोड़े खाने के लिए? तुमने भली
कही!
शंभू-तुम यह बातें क्या समझोगे मैक, जिस काम में चार बड़े आदमी अगुआ
होते हैं, उसकी सरकार पर भी धाक बैठ जाती है। लफंगों-लौंडों का गोल
भला हाकिमों की निगाह में क्या जँचेगा?

Start drücken und den Text exakt schreiben.

Nicht gestartet