Libro · प्रेमचंद की सर्वश्रेष्ठ कहानियाँ
Pagina 50 de 251
Autor: प्रेमचंद
Tiempo0:00
Velocidad (WPM)0.0
Precisión100.0%
Pulsa iniciar y escribe las líneas exactamente. · Retroceso desactivado — continua incluso tras un error.
बेचारे शराब नहीं पीतें, चार पैसे कुसमय के लिए बचाकर रखते हैं, जी
तोङकर काम करते हैं, किसी से लङाई-झगङा नहीं करते, चार बातें सुनकर
गम खा जाते हैं। फिर भी बदमाश है। कहा जाता है, वे जीवन के आदर्श को
नीचा करते है। अगर वे भी ईट का जवाब पत्थर से देना सीख जाते, तो
शायद सभ्य कहलाने लगते। जापान की मिसाल सामने है। एक ही विजय ने उसे
ससार की सभ्य जातियों में गण्य बना दिया।
लेकिन गधे का एक छोटा भाई और भी है, जो उससे कुछ ही कम गधा है, और
वह है 'बैल'। जिस अर्थ में हम गधा का प्रयोग करते हैं, कुछ उसी से
मिलते-जुलते अर्थ में बछिया के ताऊ का प्रयोग भी करते हैं। कुछ लोग
बैल को शायद बेवकूफ़ों में सर्वश्रेष्ठ कहेंगे; मगर हमारा विचार ऐसा
नहीं। बैल कभी-कभी मारता भी है, कभी-कभी अड़ियल बैल भी देखने में आ
जाता है। और भी कई रीतियों से वह अपना असन्तोष प्रकट कर देता है;
अतएव उसका स्थान गधे से नीचा है।
Pulsa iniciar y escribe las líneas exactamente.
Sin iniciar