Langues

Clavier

Page 59 sur 251

Auteur: प्रेमचंद

Temps0:00
Vitesse (WPM)0.0
Précision100.0%

Clique sur démarrer puis tape exactement les lignes. · Retour arriere desactive — continuez meme apres une erreur.

हीरा ने कहा-चलें तो; लेकिन कल इस अनाथ पर आफ़त आयेगी। सब इसी पर
संदेह करेंगे। सहसा बालिका चिल्लायी-दोनों फूफावाले बैल भागे जा रहे
हैं। ओ दादा! दादा! दोनों बैल भागे जा रहे हैं! जल्दी दौड़ो!
गया हड़बड़ाकर भीतर से निकला और बैलों को पकड़ने चला। वह दोनों
भागे। गया ने पीछा किया। वह और भी तेज हुए। गया ने शोर मचाया। फिर
गाँव के कुछ आदमियों को साथ लेने के लिए लौटा। दोनों मित्रों को
भागने का मौका मिल गया। सीधे दौड़ते चले गये। यहाँ तक कि मार्ग का
ज्ञान न रहा। जिस परिचित मार्ग से आये थे, उसका यहाँ पता न था।
नये-नये गाँव मिलने लगे। तब दोनों एक खेत के किनारे खड़े होकर सोचने
लगे, अब क्या करना चाहिए।
हीरा ने कहा-मालूम होता है राह भूल गये।
'तुम भी तो बेतहाशा भागे। वहीं उसे मार गिराना था।'
'उसे मार गिराते, तो दुनिया क्या कहती? वह अपना धर्म छोड़ दे लेकिन
हम अपना धर्म क्यों छोड़ें!'
दोनों भूख से व्याकुल हो रहे थे। खेत में मटर खड़ी थी। चरने लगे।
रह-रहकर आहट ले लेते थे, कोई आता तो नहीं है।

Clique sur démarrer puis tape exactement les lignes.

Non démarré