本 · प्रेमचंद की सर्वश्रेष्ठ कहानियाँ
251ページ中20ページ
著者: प्रेमचंद
時間0:00
速度 (WPM)0.0
正確性100.0%
スタートを押して行を正確に入力してください。 · バックスペース無効 — エラー後も続行してください。
चिमटे ने सभी को मोहित कर लिया, लेकिन अब पैसे किसके पास धरे हैं!
फिर मेले से दूर निकल आये हैं, नौ कब के बज गये, धूप तेज हो रही है।
घर पहुँचने की जल्दी हो रही है। बाप से जिद भी करें, तो चिमटा नहीं
मिल सकता। हामिद है बड़ा चालाक। इसलिए बदमाश ने अपने पैसे बचा रखे
थे।
अब बालकों के दो दल हो गये हैं। मोहसिन, महमूद, सम्मी और नूरे एक
तरफ हैं, हामिद अकेला दूसरी तरफ। शास्त्रार्थ हो रहा है। सम्मी तो
विधर्मी हो गया। दूसरे पक्ष से जा मिला; लेकिन मोहसिन, महमूद और
नूरे भी, हामिद से एक-एक, दो-दो साल बड़े होने पर भी हामिद के
आघातों से आतंकित हो उठे हैं। उसके पास न्याय का बल है और नीति की
शक्ति। एक ओर मिट्टी है, दूसरी ओर लोहा, जो इस वक्त अपने को फौलाद
कह रहा है। वह अजेय है, घातक है। अगर कोई शेर आ जाय, तो मियाँ
भिश्ती के छक्के छूट जाय, मियाँ सिपाही मिट्टी की बन्दूक छोड़कर
भागें, वकील साहब की नानी मर जाय, चुगे में मुँह छिपाकर जमीन पर लेट
जायें। मगर यह चिमटा, यह बहादुर, यह रुस्तमे-हिन्द लपककर शेर की
गरदन पर सवार हो जायगा और उसको आँखें निकाल लेगा।
スタートを押して行を正確に入力してください。
未開始