Boek · प्रेमचंद की सर्वश्रेष्ठ कहानियाँ
Pagina 22 van 251
Auteur: प्रेमचंद
Tijd0:00
Snelheid (WPM)0.0
Nauwkeurigheid100.0%
Druk op start en typ de regels precies na. · Backspace uitgeschakeld — ga door, ook na een fout.
महमूद ने एक जोर और लगाया-वकील साहब कुरसी-मेज पर बैठेंगे, तुम्हारा
चिमटा तो बावरचीखाने में जमीन पर पड़ा रहेगा।
इस तर्क ने सम्मी और नूरे को भी सजीव कर दिया। कितने ठिकाने की बात
कही है पट्ठे ने। चिमटा बावरचीखाने में पड़े रहने के सिवा और क्या
कर सकता है।
हामिद को कोई फड़कता हुआ जवाब न सूझा तो उसने धाँधली शुरू की-मेरा
चिमटा बावरचीखाने में नहीं रहेगा। वकील साहब कुरसी पर बैठेंगे, तो
जाकर उन्हें जमीन पर पटक देगा और उनका कानून उनके पेट में डाल देगा।
बात कुछ बनी नहीं। खासी गाली-गलौज थी; लेकिन कानून को पेट में
डालनेवाली बात छा गयी। ऐसी छा गयी कि तीनों सूरमा मुँह ताकते रह
गये, मानों कोई घेलचा कंकौआ किसी गण्डेवाले कंकौए को काट गया हो।
कानून मुँह से बाहर निकलनेवाली चीज है। उसको पेट के अन्दर डाल दिया
जाये, बेतुकी-सी बात होने पर भी कुछ नयापन रखती है। हामिद ने मैदान
मार लिया। उसका चिमटा रुस्तमे-हिन्द है। अब इसमें मोहसिन, महमूद,
नूरे, सम्मी किसी को भी आपत्ति नहीं हो सकती।
Druk op start en typ de regels precies na.
Niet gestart