Jezyki

Klawiatura

Strona 60 z 251

Autor: प्रेमचंद

Czas0:00
Predkosc (WPM)0.0
Dokladnosc100.0%

Nacisnij start i wpisz linie dokladnie. · Backspace wylaczony — pisz dalej nawet po bledzie.

जब पेट भर गया, दोनों ने आजादी का अनुभव किया, तो मस्त होकर
उछलने-कूदने लगे। पहले दोनो ने डकार ली। फिर सींग मिलाये, और एक
दूसरे को ठेलने लगें। मोती ने हीरा को कई कदम पीछे हटा दिया, यहाँ
तक कि वह खाई में गिर गया। तब उसे भी क्रोध आया। सँभलकर उठा और फिर
मोती से भिड़ गया। मोती ने देखा-खेल में झगड़ा हुआ चाहता है, तो
किनारे हट गया।
( ४ )
अरे! वह क्या! कोई साँड़ डौंकता चला आ रहा है। हाँ, साँड़ ही है। वह
सामने आ पहुँचा। दोनों मित्र बगलें झॉक रहे हैं। साँड़ पूरा हाथी
है। उससे भिड़ना जान से हाथ धोना है; लेकिन न भिड़ने पर भी तो जान
बचती नहीं नजर आती। इन्हीं की तरफ आ भी रहा है। कितनी भयकर सूरत है!
मोती ने मूक भाषा में कहा-बुरे फंँसे। जान कैसे बचेगी। कोई उपाय
सोचो।
हीरा ने चिन्तित स्वर में कहा-अपने घमंड में भूला हुआ हैं।
आरजू-विनती न सुनेगा।
'भाग क्यों न चलें।'
'भागना कायरता है।'
'तो फिर यहीं मरो। बन्दा तो नौ-दो ग्यारह होता है।'
'और जो दौड़ाये?'
"वो फिर कोई उपाय सोचो जल्द!'

Nacisnij start i wpisz linie dokladnie.

Nie rozpoczeto