Idiomas

Teclado

Pagina 5 de 251

Autor: प्रेमचंद

Tempo0:00
Velocidade (WPM)0.0
Precisao100.0%

Pressione iniciar e digite as linhas exatamente. · Backspace desativado — continue mesmo apos erro.

अल्लाह ही बेड़ा पार लगाये। धोबन और नाइन और मेहतरानी और चूड़िहारिन
सभी तो आयेगी। सभी को सेंवेयाँ चाहिए और थोड़ा किसी की आँखों नहीं
लगता। किस-किस से मुँह चुरायेगी। और मुँह क्यों चुराये? साल-भर का
त्योहार है। जिन्दगी खैरियत से रहे, उनकी तकदीर भी तो उसी के साथ
है। बच्चे को खुदा सलामत रखे, ये दिन भी कट जायेंगे।
गाँव से मेला चला। और बच्चों के साथ हामिद भी जा रहा था। कभी
सब-के-सब दौड़कर आगे निकल जाते। फिर किसी पेड़ के नीचे खड़े होकर
साथवालो का इन्तजार करते। ये लोग क्यों इतना धीरे-धीरे चल रहे हैं!
हामिद के पैरों में तो जैसे पर लग गये हैं। वह कभी थक सकता है! शहर
का दामन आ गया। सड़क के दोनों ओर अमीरों के बगीचे हैं। पक्की
चार-दीवारी बनी हुई है। पेड़ों में आम और लीचियाँ लगी हुई हैं।
कभी-कभी कोई लड़का कंकड़ी उठाकर आम पर निशाना लगाता है। माली अन्दर
से गाली देता हुआ निकलता है। लड़के वहाँ से एक फर्लांग पर हैं। खूब
हँस रहे हैं। माली को कैसा उल्लू बनाया है।

Pressione iniciar e digite as linhas exatamente.

Nao iniciado